अध्याय 128 आमने-सामने का टकराव

रास्ते भर सारा पहले से ही गुस्से में उबल रही थी।

“देखते हैं, वो कमीनी जुडिथ अब कैसे अपनी बातों से बच निकलती है!”

“अगर वो मुकर गई, तो सीधे पुलिस बुलाएँगे। इतने सबूत के साथ उसका खेल खत्म है।”

एला भी यही सोच रही थी। इस बार वह सब कुछ एक ही बार में निपटा सकती थी।

जुडिथ ने कॉल खत्म किया तो उसके भीतर ब...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें